पढ़ें महात्मा गांधी के जीवनी: कब-कब, क्या-क्या हुआ

महात्मा गांधी के जीवन में किस तारीख और वर्ष में क्या-क्या हुआ

2 अक्तूबर 1867: पोरबन्दर गुजरात (सुदामापुरी, काठियाबाड़) में जन्म
1883: कस्तूरबा से विवाह
1887: अहमदाबाद केन्द्र से मैटिक परीक्षा उत्तीर्ण
4 सितम्बर 1888: बैरिस्टरी पढ़ने के लिए इंग्लैंड रवाना।
12 जनवरी 1891: बैरिस्टरी की परीक्षा में उत्तीर्ण
10-11 जून 1891: ब्रिटिश अदालत जाकर उच्च न्यायालय में नामांकन
12 जून 1891: इंग्लैंड से हिन्दुस्तान के लिए प्रस्थान
6 जुलाई 1891: हिन्दुस्तान में रायचन्द्रभाई (श्रीमद राजचंद्र) से परिचय, जिन्हें बाद में गुरु समान समझा
16 नवम्बर 1891: बम्बई हाईकोर्ट में दाखिला लिया
24 मई 1892: वकालत आरभ्भ करने बम्बई में आगमन
19 अप्रैल 1893: पोरबन्दर की एक व्यापारिक फर्म की ओर से बैरिस्टर के रूप में दक्षिण अफ्रीका के लिए प्रस्थान
31 मई 1893: पीटरमारित्सबर्ग रेलवे स्टेशन का प्रथम श्रेणी के रेल डिब्बे से बाहर निकलने का आदेश दिया गया यद्वपि उनके पास प्रथम श्रेणी का रेल टिकट था। गांधीजी के आदेश न मानने पर पुलिस कान्सटेबल को बुला कर उन्हें उनके सामान को रेल के डिब्बे से बाहर कर दिया
22 मई 1894: दक्षिण अफ्रीका में प्रवासी भारतीयों के हितों की रक्षा तथा रंगभेद की नीति के विरुद कार्य करने के लिए एक संगठन की स्थापना का निर्णय
22 अगस्त 1894: रंगभेद की नीति के विरुद आवाज उठाने के लिए नाताल इन्डियन कांग्रेस की स्‍थापना की
3 सितम्बर 1894: नाताल लॉ सोसाइटी के विरोध के बावजूद नाताल सुप्रीम कोर्ट में दाखिला मिला
17 अक्तूबर 1899: बोअर युद्व आरभ्भ, हिन्दुस्तानी एम्बुलेंस टुकड़ी की स्थापना
18 अक्तूबर 1901: दक्षिण अफ्रीका से हिन्दुस्तान के लिए प्रस्थान आवश्यकता पड़ने पर दक्षिण अफ्रीका लौटने का आश्वासान
27 दिसम्बर 1901: कलकत्ता कांग्रेस के अधिवेशन में दक्षिण अफ्रीका पर प्रस्ताव पास करवाया
20 नवम्बर 1902: प्रवासी हिन्दुस्तानियों के आग्रह पर पुन: दक्षिण अफ्रीका में आगमन
1903: ट्रांसवाल ब्रिटिश इन्डिया एसोसिएशन की स्थापना
1 अक्तूबर 1904: इन्डियन ओपीनियन के प्रबन्ध और प्रकाशन की जिम्मेदारी ली
नवम्बर-दिसम्बर 1904: दक्षिण अफ्रीका में फीनिक्स आश्रम की स्थापना
11 सितम्बर 1906: पैसिव रजिस्टैन्स आंदोलन का आरभ्भ अर्थात सत्याग्रह का जन्म, थोरो का निबन्ध पढ़ने के लिए पश्चात गांधीजी ने इस आंदोलन का नाम सिविल रजिस्टैन्स आंदोलन सुझाया और इसे सविनय अवज्ञा आंदोलन भी कहा
13-22 नवम्बर 1909: लंदन से दक्षिण अफ्रीका की यात्रा में एस उस किल्डोनन कैसल नामक जहाज में गुजराती भाषा में हिन्द स्वराज पुस्तक लिखी
9 जनवरी 1915: दक्षिण अफ्रीका से इंग्लैंड के रास्ते बम्बई, हिन्दुस्तान में आगमन
20 मई 1915: कोचरव, अहमदाबाद में सत्याग्रह आश्रम की स्थापना
अप्रैल 1917: चम्पारण में किसानों के लिए सत्याग्रह
1918: अहमदाबाद में मिल मजदूरों एवं खेड़ा में किसानों के लिए सत्याग्रह
13 अप्रैल 1919: जलियांवाला बाग हत्याकांड। गांधीजी ने जनता को शान्त रहने को कहा। गांधीजी के पंजाब प्रवेश पर रोक
7 सितम्बर 1919: गांधीजी के सम्पादन में नवजीवन का प्रकाशन आरभ्भ
8 अक्तूबर 1919: गांधीजी के सम्पादन में यंग इन्डिया का प्रकाशन आरभ्भ
1920-21: खिलाफत व असहयोग आंदोलन
5 फरवरी 1922: चौरी-चौरा की दुखद घटना और असहयोग आंदोलन को रोका
10 मार्च 1922: गिरफ्तारी, 21 मार्च को यरवडा जेल में स्थानांतरण, जहां मार्च 1924 तक रहे
17 सितम्बर 1924: हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए 21 दिन का उपवास
23 दिसम्बर 1924: बेलगांव कांग्रेस की अध्यक्षता की
26 दिसम्बर 1928: कलकत्ता कांग्रेस में उपस्थित। यहां 31 दिसम्बर 1928 को हिन्दुस्तानी संविधान के मसौदे को स्वीकृति दी गई
31 दिसम्बर 1929: लाहौर कांग्रेस के अधिवेशन में गांधीजी के पूर्ण स्वराज के प्रस्ताव पर सबकी सहमति। एसेम्बलियों के बहिष्कार पर भी सबकी स्वीकृति
26 जनवरी 1930: सारे देश में पूर्ण स्वतंत्रता के लिए प्रतिज्ञा ली गई
19 फरवरी 1930: आल इन्डिया कांग्रेस समिति द्वारा सविनय अवज्ञा आंदोलन छोड़ने का निश्चय
12 मार्च 1930: 78 आश्रमवासियों को लेकर गांधीजी द्वारा अहमदाबाद में दांडी यात्रा के लिए कूच। 6 अप्रैल को नमक कानून को भंग किया
5 मई 1930: गिरफ्तारी, यरवडा जेल में रखे गये
26 जनवरी 1931: जेल से रिहाई
5 मार्च 1931: गांधी-इर्विन समझौता
29 अगस्त 1931: गोलमेज कॉन्फ्रेस में उपस्थित होने के लिए बम्बई से लंदन के लिए प्रस्थान
28 दिसम्बर 1931: हिन्दुस्तान आगमन
31 दिसम्बर 1931: असहयोग आंदोलन शुरू करने का निर्णय
20 सितम्बर 1932: हरिजनों के लिए साम्प्रदायिक निर्णय में अलग मताधिकार की योजना के विरुद्व उपवास
8 मई 1933: हरिजनों की स्थिति में सुधार के लिए 21 दिन का उपवास, रात के 9 बजे जेल से रिहाई
31 जुलाई 1933: व्यक्तिगत सविनय अवज्ञा आंदोलन आरंभ
1 अगस्त 1933: गिरफ्तारी, 23 अगस्त 1933 तक कारावास में रहे
7 नवम्बर 1933: हरिजन यात्रा शुरू
17 सितम्बर 1934: कांग्रेस छोड़ने की घोषणा
29 अक्तूबर 1934: कांग्रेस से पूरी तरह अलग होने की घोषणा
30 अप्रैल 1936: वर्धा में सेवाग्राम आश्रम की स्‍थापना
1937: वर्धा शिक्षा योजना
मई, अक्तूबर-नवम्बर 1938: उत्तर पश्चिमी सीमान्त प्रान्त की यात्रा
3 मार्च 1939: राजकोट में आमरण उपवास
7 मार्च 1939: समझौता हो जाने पर उपवास की समाप्ति
15 अक्तूबर 1940: युद्व विरोधी व्यक्तिगत सत्याग्रह आरभ्भ। विनोबा भावे प्रथम सत्याग्रही घोषित
15 जनवरी 1942: जवाहर मेरे उत्तराधिकारी होंगे, गांधीजी ने घोषित किया
23 मार्च 1942: क्रिप्स मिशन का हिन्दुस्तान में आगमन
30 मार्च 1942: हिन्द छोड़ों, आंदोलन का विचार मन में आया
8 अगस्त 1942: आल इन्डिया कांग्रेस समिति द्वारा हिन्द छोड़ों प्रस्ताव मंजूर किया गया। हिन्द छोड़ों आंदोलन का आरभ्भ
9 अगस्त 1942: गिरफ्तारी और आगा खां महल में नजरबन्द
15 अगस्त 1942: गांधीजी के सचिव महादेव देसाई का देहावसान। गांधीजी द्वारा उनकी चिता दहन
10 फरवरी 1943: आगा खां महल में उपवास आरभ्भ
3 मार्च 1943: उपवास की समाप्ति
22 फरवरी 1944: शाम के 7:30 बजे कस्तूरबा का देहावसान। गांधीजी द्वारा काते गए सूत की साड़ी में चिता दहन
6 मई 1944: जेल से रिहाई
जून-जुलाई 1945: शिमला कॉन्फ्रेंस
मार्च 1946: कैबिनेट मिशन का आगमन
1946: कैबिनेट मिशन योजना की स्वीकृति
10 अक्तूबर 1946: नोआखली तथा पूर्वी बंगाल में अनेक स्थानों पर अशान्ति
6 नवम्बर 1946: कलकत्ता से नोआखली के लिए स्पेशल ट्रेन से प्रस्थान
जनवरी-दिसम्बर 1947: बंगाल, बिहार और दिल्ली के अशान्त क्षेत्रों में शान्ति स्‍थापना का प्रयास
15 अगस्त 1947: देश के बंटवारे के कारण कलकत्ता में उपवास
13 जनवरी 1948: साम्प्रदायिक दंगों के विरोध में दिल्ली के बिड़ला हाउस में उपवास
16 जनवरी 1948: मैं अपना जीव व्यर्थ समझूंगा यदि हिन्दुस्तान और पाकिस्तान में अशान्ति का माहौल बना रहेगा, गांधीजी की घोषणा
18 जनवरी 1948: गांधीजी ने मौलाना आजाद से ग्लूकोज मिश्रित रस लेकर उपवास तोड़ा
20 जनवरी 1948: गांधीजी की प्रार्थना सभा में बम विस्फोट
27 जनवरी 1948: गांधीजी ने कहा कि कांग्रेस को भंग करके जनता की सेवा के लिए नई संस्था बनाई जाये
30 जनवरी 1948: शाम के 5:17 बजे बिड़ला हाउस में प्रार्थना के लिए जाते समय हत्या

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